Wednesday, 27 March 2013

रंग दूँ वसँती अपने मन को तो होली है


रंग दूँ वसँती अपने मन को तो होली है
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तेरे रंग मेँ अपने मन को रंग पाऊँ तो होली है
तेरे खातिर तन मन अर्पित कर पाऊँ तो होली है
राग,द्वेष,अहँकार को छोड़ तुम्हे समर्पित कर पाऊँ तो होली है
पतझड़ और वसँत सरिखे जीवन के इस धूप छाँव मेँ मुस्काते
तेरे सँग सँग चल पाऊँ तो होली है
वीर भगत सिँह के जैसे रंग के वसंती अपने मन को मातृभूमि पर मर मिट पाऊँ तो होली है

नीरज

अँधेरपुर नगरी चौपट राजा...


 अँधेरपुर नगरी चौपट राजा...
 खामोश..ऽऽऽ
ये कौन है जो हमारे उपर
सरेशाम,
सरेआम,
सरेराह,
और
फेसबुक पर
आरोप लगा रहा है कि भारत गाँवोँ मेँ बसता है
ये आरोपी की मति मारी गयी है
जरुर ये विरोधीयोँ से मिला हुआ है
हमारी छवि धूमिल करने की बहूत बड़ी साजीश लगती है
अरे भाई कौन कहता है कि हम भारत के नही इण्डिया के है
इण्डिया दैट इज भारत सँविधान के पहिलवेँ अनुच्छेद मेँ लिख दिया है
भारत और इण्डिया दोनो मेँ कौवनो अँतर नही है सब मन का भ्रम है
भाईयोँ,
 बहनो,
माताओँ
एँवम्
बाप दादाओँ
आप
इसके बहकावे मेँ मत आईएगा ऐ तो ऐसे ही कभी-कभी उलजलूल लिख देत है
अरे भाई हम इस देश के नेता है हमारा देशवा के लिए कुछ अरमान है
 कौन कहता है कि हमका गाँव से कौनो मतलब नही है
 ऐ कैसी बात है
अब आपही बताओ बदलापुर कौनो इण्डिया है क्या?
एगो गाँव है उ.प्र. का जहाँ हमारा जन्म एक दलित के बेटी के रुप मेँ हुआ था
उहाँ 450 एकड़ मेँ पार्क व 250 एकड़ मेँ हवेली बनवाऐ की नही
अब सूनोँ सैफई कौनो इण्डिया है भारत का एक गाँव है
का चाह रहे हो
का कर दे
पहलवानी करते थे जितना औकात था किऐ कि नही
उहाँ एम्स, एयर पोर्ट, राष्ट्रीय मेला सारे प्रदेश का बिजली कटौती कराके 24 धँटा बिजली दिलवाया
और सुनो हमार जनम त इटली मेँ हुआ था
 इलाहाबादी माई के लईका से बियाह हुआ
तुम्हारे भारत वाले त हमका माने के तैयार ही नही रहे
विदेशी विदेशी चिल्ला रहे थे
 उसके बाद भी हम बेवा हो के भी एगो लड़िका ले के भारत देश के लिए कर रहे हैँ कि नही
कितना जगह का ट्रेन काट कर रायबरेली तक चलवाये की नही
 रेल कारखान का डिपो बनवाये
 नया नया एम्स वही बनवाऐ
और सूनो हमारी बात पर विश्वास नही है तो
 एक बार आओ न आओ न रायबरेली
और सूनो जब हम रेलमँत्री थे तब बिहार मेँ अपने गाँव से होकर नया रेल लाईन और रेल स्टेशन बनवाये की नही
और एक बात सून लो
 आख से दिखाई नही देता है तो पावर का चश्मा लगाकर देखो
अपने अगल बगल जहाँ जहाँ हमारा गाँव है उसका कायाकल्प किये कि नही
बात करते हैँ कि गाँव भारत मेँ बसता है त हमका लन्दन मेँ बसते है का
और सुनो इ फेसबुक पर बकबकना करो बन्द
एक बार हमको वोट देकर माननीय तो तुम हमको बना ही दिये हो अब हमार का बिगाड़ लोगो
पेँशन रोक लोगोँ क्या?
रेल व हवाई जहाज का कुपन रोक लोगो क्या?
का रे ननकूआ वोट मुफ्त मे लिऐ थे का आऽऽसा..ल । रात मेँ दारु बाटे थे कि नहीँ
चाची बताओ न साड़ी भेजवाऐ थे कि नही
अब ही हम अपना असली रुप कहाँ दिखाऐँ हैँ इ त ट्रेलर है
 सुनो हम है देश के नेता(राजा)
और तुम हो जनता(प्रजा)
 मेरी मर्जी
 मै चाहे जो करु
 मेरी मर्जी
मेरी मर्जी
एक साल मेँ 5 बार पेट्रोल का दाम बढ़ाऊ
मेरी मर्जी
साल मेँ सिर्फ 6 गैस सिलिण्डर दिलवाऊ
मेरी मर्जी
रामलीला मैदान मे बैठे लोगोँ पर लाठी चलवाऊ
 मेरी मर्जी
जीप से लेकर हेलिकाप्टर घोटाला करवाऊ
मेरी मर्जी
वयस्क होने की उम्र 18 से घटा कर 16 करवाऊ
मेरी मर्जी
बहुत बाते ऐसी है जो अपने मन की करवाऊ
मेरी मर्जी
मेरी मर्जी...
niraj